रेलवे और राज्य सरकार की मेडिकल टीम करेंगी संयुक्त इलाज

गोरखपुर से टेस्ट हुए 72 सैंपल, सभी निगेटिव हैं : सीएमओ



  • 200 बेड के रेलवे अस्पताल में रेलवे और राज्य सरकार की मेडिकल टीम करेंगी संयुक्त इलाज



  • जिले में शेल्टर होम्स में क्वेरेंटाइन पूरी कर चुके लोगों की जांच करेगी मेडिकल टीम



  • टी.बी. मरीजों के पोषण के लिए खाते में भेजी गयी धनराशि



  • आरसीएमआर में भेजे गये स्वास्थ्य विभाग के एल.टी.



  • 100 बेड के स्पोर्ट कॉलेज को किया गया चिन्हित, एल वन समकक्ष इकाई बनाएंगे



  • सीएमओ ने किया गुरु श्री गोरखनाथ चिकित्सालय का दौरा, एल-वन अस्पताल के तौर पर चिन्हित


गोरखपुर, 11 अप्रैल 2020


मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. श्रीकांत तिवारी ने जनपद के लिए राहत भरी सूचनाएं जारी की हैं। जिले से कोरोना संदिग्ध 72 लोगों के सैंपल भेज कर विभाग द्वारा करायी गयी जांच में सभी नमूने निगेटिव आए हैं। इसके बावजूद तैयारी के स्तर पर स्वास्थ्य विभाग कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। 200 बेड के रेलवे अस्पताल में वहां के चिकित्सकों के साथ राज्य सरकार के चिकित्सक मिल कर इलाज करेंगे।
  मुख्य चिकित्साधिकारी के निर्देश पर जिले में सक्रिय सभी मेडिकल टीम शेल्टर होम्स का भ्रमण करेंगी और 14 दिन की क्वेरेंटाइन पूरी कर चुके लोगों के सेहत की जांच करेंगी। स्वस्थ लोगों को घर जाने की अनुमति मिलेगी और उन्हें लॉक डाउन का पालन करना होगा। 
 विभाग ने टीबी मरीजों के खाते में 500 रुपये की पोषण धनराशि भी डीबीटी के माध्यम से अंतरित करवा दिया है।


सीएमओ ने गुरु श्री गोरक्षनाथ चिकित्सालय का शनिवार को भ्रमण किया। उनके साथ एसीएमओ डॉ. नीरज कुमार पांडेय भी मौजूद रहे। सीएमओ ने बताया कि गुरु श्री गोरखनाथ चिकित्सालय में कोविड मरीजों के लिए 150 सामान्य बेड एवं 4 वेंटिलेटर वाले बेड उपलब्ध हैं। इस अस्पताल को भी कोविड L1 के रूप में चिन्हित किया गया है।


मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि आरसीएमआर में सैंपल जांच के बढ़े दबाव को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग से लैब टेक्निनिशयन भी वहां भेजे गये हैं। 100 बेड के अस्पताल के लिए स्पोर्ट कालेज को चिन्हित किया गया है, जहां एल वन समकक्ष इकाई बनाने की योजना है।


इस बीच, कोरोना वायरस से पीड़ित अथवा संदिग्ध मरीजों के उपचार में लगे चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टॉफ रात-दिन अपनी ड्यूटी कर इस संक्रमण के फैलाव को रोकने में जुटे हैं।