शहीद राम आशीष के तृतीय शहादत दिवस पर अटेवा ने किया रक्तदान

शहीद राम आशीष के तृतीय शहादत दिवस पर अटेवा ने रक्तदान कर अर्धसैनिक बलों को किया समर्पित


✓ अनूठा आंदोलन: जवानी में खून लो-बुढ़ापे में पेंशन दो


✓ ब्लड बैंक जिला चिकित्सालय गोरखपुर का रहा सराहनीय योगदान 


गोरखपुर । ऑल टीचर्स एण्ड इम्प्लाइज वेलफेयर असोसिएशन, (अटेवा पेंशन बहाली मंच) के तत्वावधान में पुरानी पेंशन बहाली आंदोलन के दौरान शहीद हुए शिक्षक स्व. राम आशीष सिंह के तृतीय पुण्यतिथि के अवसर पर चेतना तिराहा गोलघर में रक्तदान कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर रक्तदान करने वाले शिक्षक और कर्मचारी अत्यंत उत्साहित थे। इस रक्तदान कार्यक्रम की अगुवाई अटेवा के जिला संयोजक डॉ. प्रताप नारायण सिंह ने किया। डॉ सिंह ने बताया कि आज का रक्तदान शहीद राम आशीष सिंह की स्मृति में पुरानी पेंशन व्यवस्था से वंचित हमारे देश के अर्ध सैनिक बलों के वीर जवानों को समर्पित है।


सी. आर. पी. एफ., सीमा सुरक्षा बल समेत विभिन्न पैरा मिलिट्री के जवान मुस्तैदी से देश की आंतरिक सुरक्षा के साथ सीमाओं पर चौकसी करते हुए अपने प्राणों की बाजी लगा देते हैं, परंतु उन्हें भी पुरानी पेंशन व्यवस्था का लाभ नहीं मिलता। इस अवसर पर टेट संघर्ष मोर्चा के अभिषेक गुप्त ने रक्तदान करने के उपरांत कहा कि हमारे देश का दुर्भाग्य है कि सारी सुविधाएं भोगने वाले विधायक सांसद जीवन पर्यन्त पुरानी पेंशन का लाभ लेते हैं किन्तु देश के लिए प्राणों की आहुति देने वाले अर्धसैनिकों को न तो पुरानी पेंशन है और न ही उन्हें शहीद का दर्जा प्राप्त है। अटेवा के वरिष्ठ जिला सहसंयोजक अशोक सिंह ने इस रक्तदान कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि अर्धसैनिक बलों को समर्पित यह रक्तदान महादान के समान जो की वर्ष 2016 में पेंशन बहाली आंदोलन के दौरान लाठीचार्ज में शहीद डॉ राम आशीष सिंह को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। रक्तदान कार्यक्रम के दौरान बातचीत के क्रम में जिला मंत्री सुनील दूबे ने कहा कि हम सभी पुरानी पेंशन व्यवस्था की बहाली तक संघर्ष करते रहेंगे। एक देश में दो विधान नहीं चलने दिया जाएगा। जहां एक तरफ विधायक सांसद मंत्रीगण कई पेंशन का लाभ लेते हैं तो वहीं दुसरी ओर सरकारी सेवा में अपने जीवन का सबसे महत्वपूर्ण और दीर्घ समय गुजार देने वाले कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद एन.पी.एस. रूपी बाज़ार के हवाले कर देना घोर अन्याय है। शहीद राम आशीष के छोटे भाई डॉ रामपाल सिंह ने इस अवसर पर श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा जिस प्रकार अटेवा नित संघर्ष कर रहा है मेरे भाई की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी और पेंशन एक दिन जरूर बहाल होकर रहेगी। रक्तदान करने वालों में प्राथमिक से लेकर विश्वविद्यालय के शिक्षक व स्वास्थ्य नगर निगम पंचायतीराज राज सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारी शामिल रहे।


रक्तदान करने वालों में डॉ. प्रताप नारायण सिंह, अशोक कुमार सिंह, अभिषेक कुमार गुप्त,सुनील दुबे, राम सनेही प्रजापति,संदीप कुमार मिश्र , डॉ. रामपाल सिंह, सूर्यप्रताप सिंह, महेंद्र कुमार पटेल , उमेश चंद्र शुक्ल, प्रमोद सिंह,ब्रजेश नाथ त्रिपाठी, अनवर हुसैन अयाज,अनिल कुमार,सूरज राजभर,संतोष पाठक,शशिकांत तिवारी, रोहित शर्मा, सुभाष सोनी, आदित्य कुमार रवि,डॉ. सी.पी. गुप्ता, दिलीप सिंह,दिवाकर गुप्त ,रमेश सिंह,रंजना सिंह, फरहान अहमद, रविन्द्र प्रताप सिंह , आशीष सिंह, प्रशान्त कुमार, अभिषेक त्रिपाठी,बृजेश कुमार गुप्ता, नितीश शर्मा,अभिषेक त्रिगुणायत, गौरव गोयल , आशीष दुबे, शेषनाथ यादव, अजय प्रताप सिंह, राजू प्रसाद, अजय, आशुतोष मिश्र, आदि लोग शामिल रहे।


 डॉ ऐश्वर्य जीत श्रीवास्तव की देख रेख में फार्मासिस्ट राजकुमार सिंह व संतोष पाठक, लैब टेक्नीशियन संजय, सहायक इश्तियाक अहमद , काउन्सलर श्रीमती स्वेता यादव, पी आर ओ राकेश मिश्रा, लैब सहायक योगेंद्र चौहान, वाहन चालक घनश्याम पांडेय ने बखूबी सहयोग किया।


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